बेडरुम में नहीं रखें ये चीजें
जीवन में सफलता के लिए वास्तु के कुछ नियमों का पाल करना जरुरी होता है। ऐसा नहीं होने पर धन की कमी के साथ ही कई परेशानियां आती हैं। वास्तु नियमों का पालन किचन से लेकर बेडरूम तक करना जरूरी होता है और इनकी पालना नहीं करने पर आपको कई प्रकार की समस्यां का सामना करना पड़ता है। वास्तु नियम बताते हैं कि सोते समय बेडरूम में कुछ चीजों को रखने से परहेज करना चाहिए। मान्यता है कि इन चीजों के होने से माता लक्ष्मी नाराज होती हैं और इन चीजों का असर आपकी सहेत पर पड़ता है।
बेड के पास घड़ी लगाना वास्तु के हिसाब से सही नहीं है। इससे मानसिक तनाव बढ़ता है और यदि घड़ी बंद हो जाए तो जीवन में रुकावट और नकारात्मकता आनी शुरू हो जाती है। वास्तु के अनुसार घड़ी को दीवार पर पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है।
सोते समय पर्स को बेड के पास रखना अशुभ बताया गया है और ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज होती हैं। क्योंकि धन को विश्राम की जगह पर रखना लक्ष्मी जी को अशांत करता है। अगर आर्थिक मजबूती चाहते हैं, तो पर्स को हमेशा अलमारी या तिजोरी में में रखें।
आज के जीवन में मोबाइल, लैपटॉप या टैबलेट एक अहम हिस्सा बन गया है। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार यह बहुत हानिकारक है और इन उपकरणों से निकलने वाली रेडिएशन नींद की गुणवत्ता को खराब करती हैं। अगर मानसिक शांति चाहते है तो आपको इन चीजों को अपने से दूर रखकर सोना होगा। जूते-चप्पल को अशुद्धमाना गया है और इनसे नकारात्मक ऊर्जा घर के अंदर आती है। अगर इन्हें बिस्तर के पास रखा जाए तो मां लक्ष्मी नाराज होती है। हमेशा जूते-चप्पल को शयनकक्ष से बाहर रखें।
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपील
एमपी टूरिज्म को मिला “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” का प्रतिष्ठित सम्मान
मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दे रहा है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण