जबलपुर / प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जनजातीय वर्ग के आत्मसम्मान और गौरवशाली इतिहास को सम्मान देते हुए एक ऐतिहासिक घोषणा जबलपुर में की है। मुख्यमंत्री ने निर्देश जारी किए हैं कि जनजातीय विभाग द्वारा संचालित प्रदेश के सभी आवासीय शैक्षणिक संस्थानों (छात्रावास और आश्रम शालाएं) का नामकरण गोंडवाना साम्राज्य की महान वीरांगना रानी दुर्गावती और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजा शंकर शाह एवं रघुनाथ शाह के नाम पर किया जाएगा।मुख्यमंत्री की इस घोषणा को जनजातीय वर्ग के युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने और शहीदों के बलिदान से प्रेरणा लेने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।वीरांगना और शहीदों के नाम पर नामकरणजनजातीय विभाग के अंतर्गत संचालित शैक्षणिक और आवासीय संस्थानों के नामकरण की विस्तृत योजना इस प्रकार है:संस्थान का प्रकारनया नामकरणनामकरण का आधारबालिका आश्रम शालाएं एवं छात्रावासरानी दुर्गावती के नाम परगोंडवाना की अमर रानी और वीरांगनाबालक आश्रम शालाएं एवं छात्रावासराजा शंकर शाह एवं रघुनाथ शाह के नाम पर1857 के स्वतंत्रता संग्राम के महान शहीदमुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि यह नामकरण प्रदेश की नई पीढ़ी को इतिहास के इन महानायकों के शौर्य, दृढ़ता और बलिदान की गाथाओं से परिचित कराने का प्रयास है।प्रबंधन सुधार के लिए 5000 अधीक्षकों की भर्तीछात्रावासों और आश्रम शालाओं के बेहतर शैक्षणिक और प्रशासनिक प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ी भर्ती प्रक्रिया की भी घोषणा की।पदों की संख्या: अगले वर्ष से प्रदेश के जनजातीय विभाग के छात्रावासों में 5000 छात्रावास अधीक्षकों (Hostel Superintendents) की भर्ती की जाएगी।यह कदम न केवल बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार प्रदान करेगा, बल्कि छात्रावासों में कर्मचारियों की कमी को भी दूर करेगा। माना जा रहा है कि पर्याप्त अधीक्षकों की उपलब्धता से छात्रों की सुरक्षा, शिक्षा और उनके कल्याण संबंधी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सकेगा, जिससे इन संस्थानों की गुणवत्ता में व्यापक सुधार आएगा।मुख्यमंत्री की इस घोषणा का जनजातीय संगठन और शैक्षणिक समुदाय ने ज़ोरदार स्वागत किया है।