सिवनी/जबलपुर। बहुचर्चित सिवनी हवाला कांड में बड़ा मोड़ आया है। जांच के दौरान जबलपुर में पदस्थ रह चुकी सीएसपी पूजा पांडे सहित चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई ने पुलिस विभाग की कार्यशैली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामला उस समय चर्चा में आया जब सिवनी पुलिस ने नागपुर के रहने वाले सोहन परमार से करीब 3 करोड़ रुपए की हवाला राशि जब्त की थी, लेकिन आधिकारिक रिकॉर्ड में केवल 1 करोड़ 45 लाख रुपए की ही रकम दर्ज की गई। आरोप है कि बड़ी रकम को छिपाया गया और आरोपी को बिना किसी कठोर कार्रवाई के छोड़ दिया गया। इस पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक नहीं पहुंचाई गई, जिससे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था।

सूत्रों के अनुसार 9 अक्टूबर को सीएसपी पूजा पांडे और एसआई अर्पित भैरम ने रिपोर्ट के मुताबिक 1.45 करोड़ रुपए की बरामदगी की राशि जमा कराई थी। लेकिन वास्तविक जब्ती और दर्ज रिकॉर्ड में भारी अंतर सामने आते ही मामले ने तूल पकड़ लिया।

घटना सार्वजनिक होने के बाद 9 अक्टूबर की रात में ही आईजी प्रमोद वर्मा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी अर्पित भैरम सहित कुल 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। इसके बाद अगले दिन 10 अक्टूबर को डीजीपी कैलाश मकवाना ने एसडीओपी पूजा पांडे को भी सस्पेंड कर दिया।

जांच में अनियमितताओं के पुख्ता सबूत मिलने के बाद अब इन अधिकारियों सहित कुल चार लोगों की गिरफ्तारी की गई है। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला पुलिस सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार को उजागर करता है और विभाग की साख पर गंभीर चोट है।

पूरे मामले की आगे भी विस्तृत जांच जारी है, और संभावना है कि आने वाले दिनों में और भी खुलासे सामने आ सकते हैं।