आर्थिक तंगी के चलते बने लुटेरे, सीसीटीवी फुटेज से हुआ पर्दाफाश

जबलपुर। बहुचर्चित कृषि उपज मंडी लूटकांड का पर्दाफाश कर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। अनाज व्यापारी के मुनीम विजय साहू से 19 लाख रुपए लूटने वाले दोनों आरोपियों को पुलिस ने गुरुवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि वारदात को अंजाम देने वाले दोनों आरोपी कोई पेशेवर अपराधी नहीं बल्कि आपस में सगे भाई हैं, जिन्होंने आर्थिक संकट के चलते लूट की योजना बनाई थी।

कैसे हुई लूट की वारदात

बुधवार शाम अनाज व्यापारी का मुनीम विजय साहू बैंक से 19 लाख रुपए निकालकर कृषि उपज मंडी स्थित अपने ऑफिस लौट रहा था। जैसे ही वह गेट नंबर 1 के पास पहुंचा, दो युवकों ने अचानक उस पर लोहे की रॉड से हमला किया। घायल मुनीम के हाथ से पैसों से भरा बैग छुड़ाकर दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही ओमती पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज

पुलिस ने मंडी और आसपास के क्षेत्र के कई सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज की मदद से पता चला कि वारदात को अंजाम देने वाले दोनों युवक मंडी क्षेत्र में पहले भी अक्सर देखे जाते रहे हैं। उनका व्यवहार पेशेवर अपराधियों जैसा नहीं था, जिससे पुलिस का संदेह गहरा गया।
फुटेज के आधार पर पहचान करते हुए पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया और पूछताछ में उन्होंने अपराध कबूल कर लिया।

क्यों रची लूट की साजिश?

पूछताछ में सामने आया कि दोनों भाई करीब छह साल पहले सीधी जिले से जबलपुर आए थे। हाल ही में उन्होंने अपना छोटा कारोबार शुरू किया था, लेकिन लगातार घाटा लगने के कारण उनका व्यवसाय डूब गया।
इसके साथ ही—

  • मकान का भारी लोन

  • पिता की बीमारी और दवाइयों का खर्च

  • परिवार की आर्थिक स्थिति में लगातार गिरावट

इन सब कारणों से दोनों मानसिक और आर्थिक दबाव में थे। इसी वजह से उन्होंने पैसों की व्यवस्था के लिए लूट की योजना बनाई।

मंडी की जानकारी ने आसान किया प्लान

व्यापारिक कामों के सिलसिले में दोनों भाई अक्सर कृषि उपज मंडी आते-जाते थे। उन्हें पता था कि अनाज व्यापारियों के यहां अक्सर लाखों रुपए का कैश लेन-देन होता है।
बुधवार को जैसे ही उन्हें सूचना मिली कि मुनीम विजय साहू बैंक से बड़ी रकम निकालकर वापस आ रहा है, दोनों ने उसका पीछा किया और मौका मिलते ही हमला कर बैग लूटकर फरार हो गए।

पुलिस जल्द करेगी नामों का खुलासा

अभी दोनों आरोपियों के नामों को आधिकारिक रूप से जारी नहीं किया गया है। ओमती थाना पुलिस ने बताया कि पूछताछ जारी है और जल्द ही दोनों के नाम, पृष्ठभूमि और अन्य विवरण सार्वजनिक किए जाएंगे।
पुलिस इसकी भी जांच कर रही है कि कहीं आरोपियों के साथ कोई और व्यक्ति शामिल तो नहीं था।