सिद्धारमैया और शिवकुमार की नाश्ता राजनीति पर बोम्मई का तंज..............पिक्चर अभी बाकी
बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच हुई हालिया ब्रेकफास्ट मीटिंग को लेकर राजनीतिक हलकों में बयानबाजी जारी है। भाजपा के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने इस मुलाकात पर तंज कंस दिया है। बोम्मई ने इस मीटिंग को महज़ एक टीजर बताया और तंज कसते हुए कहा, “पिक्चर अभी बाकी है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के भीतर की असली स्थिति कुछ दिनों में सभी के सामने आएगी। बीजेपी नेता बोम्मई ने कांग्रेस नेताओं पर सवाल उठाकर कहा, ये दोनों नाश्ता करने में व्यस्त हैं, तब जनता और राज्य के विकास के लिए कौन काम करेगा? एक कुर्सी खींचने की कोशिश कर रहा है और दूसरा उस पकड़े रखने की।”
उन्होंने कांग्रेस हाईकमान पर निशाना साधकर कहा कि, ढाई साल बीत गए लेकिन अंदरूनी कलह खत्म नहीं हुई। हाईकमान है कहां? कौन हाईकमान है? जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ही कह रहे हैं कि वे हाईकमान नहीं हैं, तब इस शब्द की क्या परिभाषा रह जाती है? यह पूरा मामला पारिवारिक हो गया है।”
वहीं नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने भी राज्य सरकार पर हमला करते हुए सड़कों की बदहाली का मुद्दा उठाया।
उन्होंने लिखा कि राज्य के पाँच बड़े शहरों में पिछले 11 महीनों में गड्ढों की वजह से 558 मौतें हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया, गड्ढे यमराज की तरह लोगों की जान ले रहे हैं। सड़कें बदहाल हैं... लेकिन उन्हें सिर्फ सत्ता, ब्रेकफास्ट मीटिंग और निजी हितों की चिंता है। यह बेहद शर्मनाक है।”
वहीं सिद्धारमैया ने उपमुख्यमंत्री शिवकुमार के आवास पर नाश्ता किया, जहां उन्हें इडली और नटिकोलि सारू (चिकन ग्रेवी) परोसी गई। इस दौरान शिवकुमार के भाई डीके सुरेश और विधायक एचडी रंगनाथ भी मौजूद थे। डीके ने लिखा कि उन्होंने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और सुशासन और विजन के तहत राज्य के निरंतर विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की।
वहीं सिद्धारमैया ने शिवकुमार के साथ प्रेसवार्ता में कहा, “हम दोनों भाई की तरह हैं और मिलकर काम कर रहे है। शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर उन्होंने जवाब दिया, “जब हाईकमान फैसला करेगा, वे मुख्यमंत्री बन जाएंगे।”
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