जबलपुर जिले के थाना चरगवां अंतर्गत बिजौरी कमाने गेट के सामने स्थित जैन समाज के प्राचीन मंदिर श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आज सुबह चोरी की एक सनसनीखेज घटना सामने आई। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पूरे जैन समुदाय में चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है।

सुबह जब देवचंद जैन मंदिर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि मंदिर के ताले टूटे हुए हैं और परिसर में सामान बिखरा पड़ा है। उन्होंने तुरंत जैन समाज के अन्य सदस्यों को बुलाया और चोरी की जानकारी साझा की। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग मंदिर में एकत्रित हो गए और पुलिस को सूचना दी।

200 साल पुरानी मूर्ति और चांदी के छत्र गायब

मंदिर में स्थापित लगभग 200 वर्ष पुरानी पारसनाथ भगवान की छोटी पीतल प्रतिमा चोरों ने चोरी कर ली। इसके साथ ही, मंदिर की आठ मूर्तियों के ऊपर लगे चांदी के छत्र और नीचे रखे चार छत्र — कुल 12 चांदी के छत्र — चोरी हो गए। चोरी की गई संपत्ति में दान पेटी की रकम भी शामिल है। चांदी के छत्रों की अनुमानित कीमत लगभग ₹40,000 बताई जा रही है।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। सीएसपी बरगी अंजुल अयंक मिश्रा ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। फिंगरप्रिंट टीम और डॉग स्क्वायड को जांच में शामिल किया गया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों, पड़ोसी घरों और रास्तों के फुटेज को खंगाल रही है। तकनीकी और फोरेंसिक सहायता का उपयोग करते हुए चोरों की पहचान और गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

जैन समाज और आसपास के लोग इस घटना से गहरे आहत हैं। उनका कहना है कि मंदिरों और प्राचीन धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया है कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर सजा दिलाई जाए और चोरी गई प्रतिमा को बरामद किया जाए।

धार्मिक धरोहरों की सुरक्षा पर प्रशासन के लिए चेतावनी

यह घटना स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए चेतावनी है कि मंदिरों और प्राचीन धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। स्थानीय समाज ने प्रशासन से यह भी कहा है कि महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी और गश्ती को बढ़ाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।