रेखा गुप्ता ने सड़क सुधार और प्रदूषण नियंत्रण की कमान संभाली, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
सड़कों की धूल से वायु प्रदूषण व टूटी सड़कों से दिल्ली वालों को होती मुश्किलों को दूर करने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद मोर्चा संभाला है। विभिन्न विभागों में आपसी तालमेल के अभाव से यह समस्या दूर नहीं हो रही। ऐसे में सड़कों के पुनर्विकास मामले में गुणवत्ता पूर्ण मानक ढांचा तय करने को लेकर मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को पीडब्ल्यूडी, एमसीडी, एनडीएमसी, डीडीए, दिल्ली जल बोर्ड और यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली। सिविक सेंटर के केदारनाथ साहनी सभागार में हुई इस मैराथन बैठक में सीएक्यूएम, सीएसआइआर, स्कूल आफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के विशेषज्ञों ने भी भाग लिया।
बैठक का उद्देश्य दिल्ली में सड़क निर्माण, सौंदर्यीकरण, हरित पट्टी, ड्रेनेज तथा जन सुविधाओं के प्रबंधन व रखरखाव के लिए एकीकृत ढांचा तय करना था, ताकि सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित हो सके। बैठक में विशेषज्ञों ने राजधानी की अवसंरचना, यातायात प्रबंधन, शहरी डिजाइन और सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार पर विस्तार से तथ्य रखें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो टूक संदेश दिया कि सरकार दोषारोपण में नहीं, बल्कि कार्रवाई और परिणामों पर विश्वास करती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया है। किसी भी कार्य में धन की कमी नहीं है। नालों, जल निकासी, सड़कों और फुटपाथों की समस्या तब हल होगी जब अधिकारी स्वयं अपनी जिम्मेदारी समझेंगे। मिंटो ब्रिज और आरके पुरम अंडरपास का उदाहरण देते हुए बताया कि सभी विभागों के समन्वय से ही उसकी समस्या का जल्द समाधान निकला।
बैठक में सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, रविन्द्र इन्द्राज सिंह व डा पंकज कुमार सिंह तथा महापौर राजा इकबाल सिंह भी मौजूद रहे।
सीएम ने इन बातों पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कचरा प्रबंधन, खुले में कूड़ा जलाने को रोकने, नए बायोगैस और ग्रीन वेस्ट प्लांट लगाने, वेट वेस्ट प्रबंधन सुनिश्चित करने के साथ नई बिल्डिंगों को जीरो वेस्ट, हरित व आत्मनिर्भर, जल संचयन, मिस्ट और एंटी-स्मोग गन जैसी सुविधाएं लागू हों।
विभागीय अधिकारियों के बीच जिम्मेदारी तय करने में होती है देरी
मंत्री प्रवेश वर्मा ने बैठक में कहा कि कई बार विभागीय अधिकारियों के बीच जिम्मेदारी तय करने में देरी होती है और तीसरी एजेंसियों के हस्तक्षेप से समय भी बर्बाद होता है।उन्होंने अधिकारियों को प्रेरित किया कि वे व्यक्तिगत और विभागीय हितों से ऊपर उठकर दिल्ली को सुंदर और स्वच्छ बनाने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करें। कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि प्रदूषण का बड़ा कारण सड़कों पर जमी धूल है, जिसे नियंत्रित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विंटर एक्शन प्लान के तहत बड़े स्तर पर रोड डस्ट को सड़कों से हटाया भी जा रहा है।
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