जबलपुर।
शहर के लॉर्डगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत जगदीश मंदिर और गड़ा फाटक इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब रतलाम पुलिस ने साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए चार युवकों को हिरासत में लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में दहशत और चर्चाओं का माहौल बन गया।

पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी स्थानीय लोगों के बैंक खाते खरीदकर उनका इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी में कर रहे थे। इन खातों के जरिए बीते कुछ महीनों में करीब 1 करोड़ 34 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियों के अनुसार ठगी की रकम को बाद में डिजिटल करेंसी में बदला जाता था, ताकि पैसों की ट्रैकिंग मुश्किल हो सके और कानून की पकड़ से बचा जा सके।

रतलाम पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अभी प्रारंभिक चरण में है और जांच के दौरान कई अहम डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए हैं। वहीं, लॉर्डगंज थाना क्षेत्र के कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

इस बड़ी कार्रवाई के बाद जगदीश मंदिर और आसपास के इलाकों में लोग सकते में हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्हें इस तरह के संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क की मौजूदगी की कोई जानकारी नहीं थी। फिलहाल रतलाम पुलिस और साइबर टीम मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और पूरे नेटवर्क की परतें खोलने की कोशिश की जा रही है।