जबलपुर। मझौली थाना क्षेत्र के ग्राम बुदरई में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रेम प्रसंग से आहत एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। गनीमत रही कि समय रहते मझौली पुलिस की तत्परता से युवक की जान बचा ली गई और उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बुदरई निवासी कन्हैया कोल नामक युवक ने अपने घर में फांसी लगाकर जीवन समाप्त करने का प्रयास किया। घटना की सूचना मिलते ही मझौली थाना प्रभारी नेहरू खण्डाते ने तत्काल आरक्षक संदीप पाण्डे को एक अन्य पुलिसकर्मी के साथ मौके पर रवाना किया। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए घटनास्थल पर पहुंचकर युवक को फांसी के फंदे से नीचे उतारा।

आरक्षक संदीप पाण्डे ने बताया कि जब युवक को नीचे उतारा गया, उस समय उसकी सांसें चल रही थीं। पुलिस कर्मियों ने तुरंत प्राथमिक उपचार किया, जिससे कुछ ही देर में युवक को होश आ गया। इसके बाद उसे एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार समय पर मदद मिलने के कारण युवक की जान बच सकी।

होश में आने के बाद पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में युवक ने बताया कि वह गांव की ही एक युवती से बेहद प्यार करता था। दोनों के बीच काफी समय से बातचीत और मेलजोल था, लेकिन कुछ दिनों से युवती ने उससे बातचीत बंद कर दी थी। जब उसने इसका कारण जानने की कोशिश की तो पता चला कि युवती के परिजनों ने उसे कन्हैया से बात करने से मना कर दिया है। इसी बात से वह मानसिक रूप से काफी परेशान और आहत हो गया था।

लगातार उपेक्षा और प्रेम में असफलता से दुखी होकर कन्हैया ने यह आत्मघाती कदम उठाने का फैसला कर लिया। उसने बताया कि उसे लगा कि अब उसके जीवन का कोई अर्थ नहीं रह गया है। हालांकि, पुलिस की सूझबूझ और तत्परता ने उसकी जान बचा ली।

युवक को बचाने के बाद आरक्षक संदीप पाण्डे ने उसे समझाइश देते हुए कहा कि जीवन बहुत अनमोल होता है और इसे किसी भी परिस्थिति में समाप्त करने का प्रयास करना कायरता है। उन्होंने कहा कि यदि आज उसकी जान चली जाती तो उसके माता-पिता और परिवार पर क्या बीतती, इसका उसे विचार करना चाहिए। पुलिस कर्मियों ने युवक को भरोसा दिलाया कि हर समस्या का समाधान होता है और कठिन समय में परिवार और समाज का सहारा लेना चाहिए।

मझौली थाना प्रभारी नेहरू खण्डाते ने भी लोगों से अपील की है कि मानसिक तनाव या प्रेम प्रसंग से जुड़ी परेशानियों में कोई भी व्यक्ति आत्महत्या जैसा कदम न उठाए। समय रहते अपने परिजनों, मित्रों या पुलिस से संपर्क करें। यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि थोड़ी सी समझदारी और समय पर मदद किसी की भी जान बचा सकती है।