जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले सनसनीखेज बमबाजी कांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की है। घमापुर थाना क्षेत्र के लाल मीठी चुंगी चौकी अंतर्गत स्थित भगवानदास टेंट हाउस और उससे लगे मकान पर दो दिनों तक लगातार बमबाजी और पत्थरबाजी की गई थी, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।

पुलिस के अनुसार, यह वारदात सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई थी। करीब दो दर्जन से अधिक बदमाशों ने एक साथ इकट्ठा होकर ताबड़तोड़ बम फेंके और पत्थरबाजी की। यह पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। बमबाजी की यह घटना दो दिन तक लगातार होती रही, जिससे स्थानीय लोग भय के साये में जीने को मजबूर हो गए।

इस मामले में स्थानीय कांग्रेस पार्षद जितेंद्र सिंह ठाकुर और उनके परिजनों पर गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़िता पूनम थदानी ने पुलिस को बताया था कि 25 दिसंबर को पहले उनकी दुकान पर पत्थरबाजी की गई, जिसके बाद जान के डर से वे अपना घर छोड़कर चले गए थे। करीब एक घंटे बाद जब वे वापस लौटे, तो 20 से 25 युवक हथियारों और बमों के साथ वहां मौजूद थे। आरोपियों में जितेंद्र सिंह ठाकुर उर्फ जित्तू ठाकुर, छोटू ठाकुर, भैयालाल, यश ठाकुर, हर्ष, पीयूष और राजवीर के नाम सामने आए हैं।

पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपियों ने तीन मंजिला इमारत को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे करीब 8 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। बमबाजी के दौरान एक बम बच्ची जैस्मिन के चेहरे पर लग गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। फिलहाल बच्ची का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। जांच के बाद बमबाजी में सक्रिय भूमिका निभाने वाले दो आरोपियों राजेश ठाकुर उर्फ भैया और राजेंद्र ठाकुर उर्फ छोटू पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन आरोपियों की गतिविधियां समाज और क्षेत्र की शांति के लिए गंभीर खतरा थीं, इसलिए NSA जैसी कठोर कार्रवाई की गई है।

फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और पूरे मामले की गहन जांच जारी है। प्रशासन का कहना है कि शहर में शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं रहने दिया जाएगा।