दमोह जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के नगर तेंदूखेड़ा वार्ड क्रमांक-1 में गुरूवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई। यहां एक घर के भीतर पति, पत्नी और उनकी दो साल की मासूम बच्ची के शव फांसी के फंदे पर झूलते मिले। पत्नी गर्भवती थी, एक साथ चार जिंदगियां समाप्त हो गई। घटना की खबर मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मृतकों की पहचान मनीष केवट (30 वर्ष), पिता खूब्बी केवट, उसकी गर्भवती पत्नी यशोदा उर्फ माही केवट (24 वर्ष) और उनकी दो वर्षीय बेटी आरोही के रूप में हुई है। मनीष केवट मजदूरी का काम करता था। बताया जा रहा है कि परिवार घर के अंदर ही मौजूद था और काफी समय तक कोई हलचल न होने पर आसपास के लोगों को शक हुआ, जिसके बाद घर के भीतर जाकर देखा गया तो तीनों के शव फांसी पर लटके मिले। सूचना मिलते ही तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी

थाना प्रभारी आर आर बागरी  एसडीएम सौरभ गंधर्व  तहसीलदार विवेक व्यास पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को घेराबंदी कर सील कर दिया और तीनों शवों को कब्जे में ले लिया। प्रारंभिक जांच में मामला सामूहिक आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि अभी तक मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है और आत्महत्या के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी और डॉग स्क्वायड को भी मौके पर बुलाया गया है, ताकि हर पहलू से जांच की जा सके। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। घटना के बाद पूरे तेंदूखेड़ा क्षेत्र में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस परिजनों, पड़ोसियों और परिचितों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।