शव सुपुर्दखाक को लेकर चरगवां में घंटों चला हाई वोल्टेज ड्रामा:शव को दफनाने रद्दी चौक कब्रिस्तान भेजा गया
जबलपुर। चरगवां क्षेत्र में दो समुदायों के बीच जमीन को लेकर चला आ रहा चार साल पुराना विवाद बुधवार को एक बार फिर गंभीर रूप ले बैठा। मामला उस समय तनावपूर्ण हो गया जब एक समुदाय शव को सुपुर्दखाक करने के लिए विवादित भूमि पर पहुंच गया, जबकि दूसरे समुदाय ने इसका विरोध करते हुए उसे अपनी जमीन बताकर दफनाने से मना कर दिया। सुबह से शाम तक क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
विवाद की जड़ क्या है
जानकारी के अनुसार जिस भूमि को लेकर विवाद है, उस पर दोनों समुदाय पिछले करीब चार वर्षों से अपना-अपना अधिकार जता रहे हैं।एक पक्ष का कहना है कि यह जमीन गौशाला की है, जबकि दूसरा पक्ष इसे कब्रिस्तान की भूमि बता रहा है।
2022 में भी हो चुका है विवाद
यह विवाद नया नहीं है। वर्ष 2022 में भी इसी जमीन को लेकर टकराव हुआ था। उस समय स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्कालीन एसडीएम ने विवादित स्थल के गेट पर ताला लगवाया था। प्रशासन द्वारा यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए थे।
शव दफनाने को लेकर बढ़ा तनाव
बुधवार की सुबह एक समुदाय शव लेकर उसी विवादित स्थान पर सुपुर्दखाक करने पहुंच गया। इसकी सूचना मिलते ही दूसरे समुदाय के लोग भी मौके पर एकत्र हो गए और दफनाने का विरोध शुरू कर दिया।एक पक्ष शव को वहीं दफनाने की जिद पर अड़ गया, जबकि दूसरा पक्ष धरने पर बैठ गया। भारी भीड़ जमा होने से कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका पैदा हो गई।
प्रशासन और पुलिस ने संभाली स्थिति
सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से अलग-अलग और फिर संयुक्त रूप से चर्चा की। कई घंटों की समझाइश और बातचीत के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया।
■ प्रशासन का साफ फैसला
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि—जब तक जमीन से संबंधित विवाद का विधिवत समाधान नहीं हो जाता, तब तक उक्त भूमि का उपयोग कोई भी समुदाय नहीं करेगा।
शव रद्दी चौक कब्रिस्तान भेजा गया
प्रशासन के फैसले के बाद तनाव शांत हुआ और विवाद को खत्म करने के लिए शव को रद्दी चौक स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्दखाक करने के लिए भेजा गया। इसके बाद क्षेत्र में शांति बहाल हो सकी।
आगे की कार्रवाई
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जमीन विवाद का निराकरण राजस्व रिकॉर्ड, दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा। फिलहाल इलाके में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो।
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