अरुणाचल और नागालैंड के जंगलों में आग बुझाने सेना-वायुसेना का युद्धस्तर पर काम जारी
गुवाहाटी। अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के जंगल में आग बुझाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। भारतीय सेना और वायुसेना ऑपरेशन में जुटी है। हेलीकॉप्टर लगातार पानी गिरा रहे हैं, जबकि सतह पर टीमें खास उपकरणों से आग बुझाने का प्रयास कर रही हैं। अब तक अरुणाचल प्रदेश के वालोंग में आग पर काबू पाया जा चुका है। भारतीय वायुसेना ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि हेलीकॉप्टर दो मोर्चों पर जंगल की आग बुझाने के मिशन में लगे हैं और मुश्किल इलाकों में लगातार हवाई फायरफाइटिंग कर रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वायुसेना ने जानकारी दी है कि अरुणाचल प्रदेश के वालोंग में कुल 139,800 लीटर पानी गिराया गया है, जिससे आग बुझ गई है। साथ ही नागालैंड में ज़ुकोऊ घाटी में ऑपरेशन जारी है, जिसमें हेलीकॉप्टर से पानी लाकर जप्फू पीक के पास खड़ी ढलानों, खराब विजिबिलिटी और दुर्लभ हवा के बीच आग बुझा रहे हैं। भारतीय सेना के जवानों ने वायुसेना के साथ मिलकर अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में करीब 3,000 से 3,500 फीट की ऊंचाई पर मौजूद दूर-दराज के इलाकों में लगी जंगल की आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। मंगलवार को आर्मी ने वीडियो शेयर किए थे, जिनमें पहाड़ियों पर लगी आग बुझाने के लिए हेलीकॉप्टर पानी गिराते हुए दिख रहे थे, जबकि जमीनी टीमों की मदद के लिए आग बुझाने के दूसरे उपकरण भी लगाए गए थे। बताया जाता है कि यह आग 13 फरवरी को जंगल में फैली थी।
इससे पहले शनिवार को वायुसेना ने पोस्ट किया था कि हेलीकॉप्टर अरुणाचल प्रदेश की लोहित घाटी में 9,500 फीट से ऊपर लगातार आग बुझाने का मिशन चला रहे हैं। लोहित घाटी के ऊपर पहाड़ियों के किनारे हॉटस्पॉट पर 12,000 लीटर से ज्यादा पानी पहुंचाया गया। खराब मौसम और पतली हवा के बावजूद, हेलिकॉप्टर पानी गिराकर आग पर काबू पाने और नाजुक हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा करने का काम जारी रखे हुए हैं।
गुवाहाटी में एक रक्षा प्रवक्ता के मुताबिक सूखा मौसम और झूम खेती, जो पहाड़ी जनजातियों का पारंपरिक कटाई-जलाओ का तरीका है, नॉर्थईस्ट में जंगल में आग लगने की मुख्य वजहों में से हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि पिछले पांच दिनों में हवाई जांच और पानी गिराने में मदद करने वाले हेलीकॉप्टरों के साथ मिलकर चौबीसों घंटे काम किया जा रहा है। ये ऑपरेशन बहुत मुश्किल इलाके और मौसम की हालत में किए जा रहे हैं ताकि आग पूरी तरह बुझ जाए।
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपील
एमपी टूरिज्म को मिला “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” का प्रतिष्ठित सम्मान
मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दे रहा है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण