जबलपुर। शहर की स्वच्छता व्यवस्था और मृत पशुओं के वैज्ञानिक निपटान को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। नियमों की अनदेखी पाए जाने पर नगर निगम ने ‘माँ नर्मदा सांई सेवा समिति’ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के निर्देश पर कठौंदा स्थित इंसीनेटर प्लांट के संचालन और मृत पशुओं को उठाने के कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई की गई। स्वास्थ्य अधिकारी सुश्री अंकिता बर्मन द्वारा जारी नोटिस में समिति से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

शिकायत पर त्वरित कार्रवाई

प्रशासन को उखरी क्षेत्र से प्राप्त शिकायत के आधार पर मामले की जांच की गई। जांच में सामने आया कि अनुबंध की शर्तों के अनुसार मृत पशुओं को सीधे कठौंदा स्थित इंसीनेटर प्लांट ले जाना अनिवार्य है, लेकिन संबंधित प्रकरण में ऐसा नहीं किया गया। साथ ही निर्धारित शुल्क के स्थान पर कम शुल्क लेकर कार्य किए जाने की बात भी सामने आई, जो अनुबंध और निगम के आदेशों का उल्लंघन है।

वैज्ञानिक पद्धति से होगा निपटान

नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में मृत पशुओं का निपटान पूरी तरह वैज्ञानिक पद्धति और निर्धारित मानकों के अनुसार ही किया जाएगा। स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि समिति द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया तो अनुबंध की शर्तों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी और आवश्यक होने पर एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है।

नगर निगम की इस कार्रवाई को शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।