टीम इंडिया की जीत के जश्न में भूले मर्यादा, प्रतिमा के सिर पर बैठकर मचाया उत्पात, लोगों में नाराजगी

जबलपुर। संस्कारधानी के नाम से पहचाने जाने वाले जबलपुर शहर में रविवार रात एक ऐसी घटना सामने आई जिसने शहर की गरिमा और संस्कारों पर सवाल खड़े कर दिए। मालवीय चौक स्थित महान शिक्षाविद और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित मदनमोहन मालवीय की प्रतिमा के साथ कुछ युवकों द्वारा अभद्र व्यवहार करने का मामला सामने आया है। भारतीय टीम की जीत के जश्न के दौरान कुछ युवक जूते पहनकर मालवीय जी की प्रतिमा पर चढ़ गए और वहां बैठकर हंगामा करते नजर आए। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद शहर में लोगों के बीच नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है।

⬛ जीत के जश्न में भूले संस्कार

जानकारी के अनुसार रविवार रात भारतीय टीम की जीत के बाद शहर के कई स्थानों पर युवाओं द्वारा जश्न मनाया जा रहा था। इसी दौरान कुछ युवक मालवीय चौक पहुंचे और उत्साह में सारी मर्यादाएं भूल बैठे। वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ युवक जूते पहनकर सीधे पंडित मदनमोहन मालवीय की प्रतिमा पर चढ़ जाते हैं। इतना ही नहीं, कुछ युवक प्रतिमा के सिर वाले हिस्से पर बैठकर शोर-शराबा और उत्पात मचाते हुए नजर आते हैं।

बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

⬛ सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, लोगों में आक्रोश

वीडियो सामने आने के बाद शहर के नागरिकों, सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों ने इस कृत्य की कड़ी निंदा की है। लोगों का कहना है कि यह केवल एक प्रतिमा का अपमान नहीं बल्कि शहर की संस्कृति और महान विभूतियों के प्रति असम्मान का प्रतीक है।

सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने इस घटना को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। लोगों का कहना है कि संस्कारधानी के नाम से पहचाने जाने वाले शहर में इस तरह की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

⬛ महान शिक्षाविद थे पंडित मदनमोहन मालवीय

पंडित मदनमोहन मालवीय देश के महान शिक्षाविद, पत्रकार, वकील और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान दिया और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के चार बार अध्यक्ष भी रहे और समाज में शिक्षा तथा राष्ट्रीय चेतना के प्रसार के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए।

ऐसे महान व्यक्तित्व की प्रतिमा के साथ इस तरह का व्यवहार करना लोगों को बेहद आहत करने वाला बताया जा रहा है।

⬛ आरोपियों पर कार्रवाई की उठी मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि जबलपुर को संस्कारधानी इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां महापुरुषों के प्रति सम्मान और समाज में संस्कारों की परंपरा रही है। ऐसे में इस तरह की घटना शहर की पहचान को ठेस पहुंचाने वाली है।नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही शहर के प्रमुख चौराहों और महापुरुषों की प्रतिमाओं के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की भी मांग की गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।