LPG संकट से जूझ रहा छत्तीसगढ़, रायपुर-अंबिकापुर में सिलेंडर के लिए मची मारामारी
रायपुर। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव की आंच अब रसोई तक पहुंच गई है. वहीं छत्तीसगढ़ में भी एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत का असर देखने को मिल रहा है. प्रदेश की राजधानी रायपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर समेत कई जिलों में सिलेंडर की कमी के चलते गैस एजेंसी के बाहर लोगों को लंबी-लंबी कतारे लगी है।
LPG सिलेंडर के लिए परेशान लोग
राजधानी रायपुर में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण लोगों को गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है. कई उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग कराने के बाद भी 24 से 25 दिनों तक सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे घरों में खाना बनाना मुश्किल हो गया है।
अंबिकापुर में गैस एजेंसी के बाहर लगी लंबी कतार
अंबिकापुर में एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर मारामारी है. गैस एजेंसी के बाहर लोगों की लंबी कतार लग रही है. लोग सुबह से लाइन में खड़े हैं लेकिन सर्वर नहीं काम नहीं कर रहा है. ऑनलाइन बुकिंग का सर्वर फेल होने के कारण लोगों में नाराजगी हैं. गैस एजेंसी के कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के बीच विवाद हो रहा है. कई लोगों ने तीन से चार दिन पहले बुकिंग कराया है, लेकिन अब तक उन्हें रसोई गैस सिलेंडर नहीं डिलीवर हुआ है।
बस्तर में सिलेडर की बढ़ी कीमत
बस्तर जिले में फिलहाल घरेलू एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई सामान्य बताई जा रही है और लोगों को घरेलू उपयोग के लिए गैस सिलेंडर मिल रहे हैं, लेकिन दूसरी ओर कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी गई है, जिससे छोटे व्यवसायियों और दुकानदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. गैस की कीमत बढ़ने से आम उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ता नजर आ रहा है। कई हितग्राहियों का कहना है कि जब सरकार खुद कहती है कि देश में डीजल, पेट्रोल और गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है, तो फिर गैस के दामों में बढ़ोतरी क्यों की गई।
मध्यप्रदेश की ‘बाग प्रिंट’ कला को पेरिस में मिलेगा वैश्विक मंच
सिलफिली की मालती बनीं ‘लखपति दीदी‘, अपने साथ-साथ 14 महिलाओं को दिया रोजगार
राज्यपाल डेका ने खैरागढ़ विश्वविद्यालय की नई बस को दिखाई हरी झंडी
एमपी बोर्ड परीक्षाओं में सांदीपनि विद्यालयों के 58 विद्यार्थी मेरिट में
सीएम मोहन यादव का बड़ा कदम, किसानों को मिलेगा 4 गुना मुआवजा
नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने पेड नेगेटिव PR पर जताई चिंता, बोले— “ये क्रिएटिविटी के लिए बुरा समय”