भगोड़े सटोरिया के लिए राजनीतिक पैरवी?: सटोरिया सतीश सनपाल के ‘राजदार’ निकले विधायक- पुत्र!
शहर में चर्चा तेज
जबलपुर। शहर में क्रिकेट सट्टे के पुराने नेटवर्क को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। भगोड़ा सटोरिया सतीश सनपाल से जुड़े मामले में अब कुछ प्रभावशाली लोगों के नाम भी सामने आने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार सनपाल के करीबी माने जाने वाले कुछ लोग राजनीतिक रसूख का सहारा लेकर अधिकारियों से संपर्क साधने और मामले को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि सनपाल के नेटवर्क से जुड़े लोगों द्वारा कुछ विधायक के पुत्रों के माध्यम से अधिकारियों के साथ ‘लाइजनिंग’ कराई जा रही है। चर्चा यह भी है कि आईपीएल सट्टे के दौरान किसी प्रकार की कार्रवाई या रुकावट न आए, इसके लिए पर्दे के पीछे से दबाव बनाने की कोशिशें हो रही हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।
खत्री परिवार की भूमिका भी चर्चा में
सूत्रों के मुताबिक सट्टा नेटवर्क से जुड़े खत्री परिवार की गतिविधियां भी एक बार फिर चर्चा में हैं। बताया जा रहा है कि सट्टा कारोबार को सुचारु रूप से चलाने के लिए कथित तौर पर बड़ी रकम खर्च की जा रही है। आईपीएल मैचों के दौरान सट्टा कारोबार पर किसी प्रकार की कार्रवाई न हो, इसके लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।
ऐसे हुआ था पूरे नेटवर्क का खुलासा
दरअसल 19 मई 2022 को पुलिस टीम ने राइट टाउन स्थित आरके टावर के चेंबर नंबर 203 और 204 में छापा मारा था। छापे के दौरान वहां मनोज सनपाल और दीपक रजक मौजूद मिले थे। पूछताछ में दोनों ने बताया था कि अमित शर्मा और विवेक पांडे दुबई में बैठे सतीश सनपाल और उसके करीबी आजम द्वारा संचालित आईपीएल क्रिकेट सट्टे की रकम का हिसाब-किताब संभालते थे।छापे के दौरान पुलिस ने वहां से 21 लाख 55 हजार 600 रुपये नकद, विभिन्न कंपनियों की 27 सील, तीन ऋण पुस्तिकाएं, 34 चेकबुक, प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज और एक नोटपैड बरामद किया था।
शेल कंपनियों के जरिए चलता था नेटवर्क
जांच के दौरान यह भी सामने आया था कि आरोपियों ने कर्मचारी दीपक रजक के भाई प्रमोद रजक के नाम पर कई शेल कंपनियां खोल रखी थीं। प्रमोद रजक के नाम पर एक्सिस बैंक, यस बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक में ‘वाशेट सर्विस (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से खाते भी खोले गए थे। इन खातों में प्रमोद रजक को मालिक दर्शाया गया था।बाद में प्रमोद रजक की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया था और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू की गई थी।
आईपीएल सीजन के साथ फिर बढ़ीं हलचलें
अब आईपीएल सीजन के करीब आते ही शहर में क्रिकेट सट्टे की गतिविधियों को लेकर फिर हलचल बढ़ने लगी है। पुलिस और क्राइम ब्रांच की नजर ऐसे नेटवर्क पर बताई जा रही है, लेकिन यह भी चर्चा है कि प्रभावशाली लोगों की कथित दखल के कारण कार्रवाई प्रभावित हो सकती है।फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन शहर में सट्टा नेटवर्क और उससे जुड़े कथित संरक्षण को लेकर चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और कानूनी चुनौती
जांच एजेंसियों के लिए यह मामला केवल स्थानीय स्तर का नहीं रहा। कथित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को देखते हुए सनपाल के खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर (LOC) जारी करने की प्रक्रिया भी अपनाई गई, ताकि अगर वह भारत आए या किसी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गुजरे तो उसे रोका जा सके।लेकिन कानूनी जानकार बताते हैं कि ऐसे मामलों में अंतरराष्ट्रीय कानून और प्रत्यर्पण संधियों (Extradition Treaties) की जटिलताएं जांच एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती बन जाती हैं। दुबई में एक सफल व्यवसायी की छवि बनाकर रह रहा कोई व्यक्ति, अगर स्थानीय कानूनों के तहत सुरक्षित है, तो उसे भारत लाना आसान नहीं होता।
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