सरेंडर नक्सलियों ने विधानसभा का किया दौरा
बीजापुर|छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आज 140 सरेंडर नक्सली विधानसभा की कार्यवाही को समझने और देखने के लिए पहुंचे. इनमें 54 महिलाएं और 86 पुरुष शामिल थे. ये सभी बीजापुर और कांकेर जिलों से आए थे. जहां उन्होंने CM विष्णु देव साय से मुलाकात की|
विधानसभा देखने पहुंचे सरेंडर नक्सली
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज फिर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जो राज्य के बदलते माहौल की जीती जागती तस्वीर पेश कर रहा है. नक्सलवााद की विचारधारा को अलविदा कह चुके 140 सरेंडर नक्सली छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचे. सुरक्षा जांच के बाद इन्हें अंदर भेजा गया….बीजापुर से 36,कांकेर जिले के 16 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने विधानसभा का भ्रमण किया|
विजय शर्मा ने लगे लगाकर किया स्वागत
गृहमंत्री विजय शर्मा ने आत्मसमर्पित नक्सलियों को गले लगाकर स्वागत किया. इसके बाद सभी नक्सलियों को विधानसभा घुमाया. आत्मसमर्पित नक्सली सदन की कार्यवाही के साक्षी बने. यह घटना छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति की बड़ी कामयाबी साबित हो रही है, जो न केवल हिंसा रोक रही है बल्कि पूर्व नक्सलियों को लोकतंत्र का हिस्सा बना रही है. सभी आत्मसमर्पित नक्सली सीएम साय से भी मुलाकात की है|
सरेंडर नक्सलियों ने साझा किया अपना अनुभव
विधानसभा की कार्यवाही देखने के बाद सरेंडर नक्सलियों ने अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने बताया कि पहली बार उन्हें यह समझने का अवसर मिला कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधि किस तरह जनता के मुद्दों को उठाते हैं. उन्होंने देखा कि सदन में सवाल कैसे पूछे जाते हैं और विकास से जुड़े मुद्दों पर किस तरह चर्चा होती है|
पहले भी पहुंचे थे सरेंडर नक्सली
बता दें 27 फरवरी को भी 120 सरेंडर नक्सली सदन की कार्यवाही के प्रत्यक्ष साक्षी बने थे. ये वे लोग थे जिन्होंने कभी बंदूक उठाकर हिंसा का रास्ता चुना था, लेकिन अब संविधान और लोकतंत्र की राह पर चल रहे हैं. इनमें 1 करोड़ रुपये के इनामी रुपेश और 25 लाख के इनामी चैतू जैसे नाम शामिल हैं. जिनका अतीत बस्तर के जंगलों से जुड़ा रहा. चैतू 2013 के झीरम घाटी हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है. जिसमें दर्जनों कांग्रेस नेता शहीद हुए थे|
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