वैश्विक संकट के बीच पड़ोसी देशों में पेट्रोल महंगा, भारत में कंट्रोल
नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में आग लगी है। हालांकि, वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
ब्रेंट क्रूड में उछाल, पर भारत में राहत
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड $5.51 की बढ़त के साथ $95.89 प्रति बैरल पर पहुंच गया है। इसके बावजूद भारतीय तेल कंपनियों ने कीमतों में बदलाव नहीं किया है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल ₹94.72 और डीजल ₹87.62 प्रति लीटर पर बरकरार है।
राज्यों के बीच बड़ा अंतर
देश में पेट्रोल की कीमतों में क्षेत्रीय स्तर पर काफी भिन्नता है। दिल्ली की तुलना में पश्चिम बंगाल में पेट्रोल करीब ₹10 महंगा है, जहाँ कोलकाता में भाव ₹104.95 तक हैं। वहीं, अंडमान-निकोबार के पोर्ट ब्लेयर में देश का सबसे सस्ता ईंधन मिल रहा है।
शहर पेट्रोल (₹/ली.) डीजल (₹/ली.)
पोर्ट ब्लेयर, 82.42, 78.01
ईटानगर, 90.87, 80.38
सिलवासा, 92.37, 81.32 (जम्मू)
पड़ोसी देशों का हाल
वैश्विक संकट का असर भारत के पड़ोसियों पर साफ दिख रहा है। पाकिस्तान में पेट्रोल ₹122.42, श्रीलंका में ₹134.38 और म्यांमार में ₹146.82 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में कीमतों की स्थिरता के पीछे चुनावी माहौल और सरकार की जनहित प्राथमिकताएं मुख्य कारण हैं।
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