स्क्रैप माफिया रवि काना पर शिकंजा, रेड कॉर्नर नोटिस की तैयारी
नोएडा|उत्तर प्रदेश की बांदा जेल से निकलकर गायब हुए स्क्रैप माफिया रवि काना के विदेश भागने की आशंका है। इसके चलते नोएडा पुलिस अब उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी में है। उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।रवि काना पर स्क्रैप कारोबार की आड़ में अवैध वसूली, जमीन कब्जाने, धमकी देने, मारपीट और संगठित अपराध से जुड़े कई गंभीर आरोप हैं। जांच के दौरान ऐसे इनपुट मिले हैं, जिनसे यह संकेत मिला है कि रवि काना विदेश में पनाह लेने की कोशिश कर सकता है। इसी वजह से पुलिस ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया तेज की है। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज और केस से जुड़ी पूरी जानकारी इंटरपोल के माध्यम से भेजी जा रही है।
कहां गायब हुआ रवि काना, UP के 12 जिलों में पुलिस तलाश रही ठिकाना
पूर्व में थाईलैंड से हुआ था गिरफ्तार
रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद रवि काना की तलाश सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दुनिया के अन्य देशों की पुलिस एजेंसियां भी उसे पकड़ने में सहयोग करेंगी। अगर वह विदेशी में पाया जाता है तो उसे हिरासत में लेकर भारत प्रत्यर्पित करने की कार्रवाई की जा सकेगी। पूर्व में भी उसकी गिरफ्तारी थाईलैंड से हुई थी, तब भी पुलिस ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। वह अपनी प्रेमिका के साथ विदेश गया था। नोएडा पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध और माफिया गतिविधियों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। माफिया के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी।उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी : चर्चा है कि कुछ अधिकारियों और सफेदपोशों ने जेल प्रशासन पर दबाव बनाकर आरोपी को जल्द रिहा कराने की कोशिश की। उन्होंने बांदा जेल प्रशासन को गैंगस्टर को जल्द छोड़ने के लिए भी कहा। नोएडा पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजने की तैयारी में है। स्क्रैप कारोबार के दौरान स्थानीय सफेदपोश और पुलिस अधिकारियों पर रवि काना और उसके गिरोह के सदस्यों को मदद पहुंचाने के आरोप लग चुके हैं। रवि काना के स्क्रैप कारोबार का दायरा सिर्फ नोएडा और पश्चिमी यूपी तक सीमित नहीं था। वह हरियाणा और राजस्थान तक स्क्रैप के ठेके जबरन लेता था।स्क्रैप माफिया रवि काना रिहाई मामला, बांदा जेल के जेलर विक्रम सिंह यादव सस्पेंड माफिया के खिलाफ दुष्कर्म और धमकी देने के केस दर्ज : स्क्रैप माफिया रवि काना के खिलाफ नोएडा, ग्रेटर नोएडा और सेंट्रल नोएडा जोन के अलग-अलग थानों में करीब 25 मुकदमे दर्ज हैं। उस पर फिरौती, मारपीट, हत्या के प्रयास, दुष्कर्म और धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज है। रवि काना बांदा जेल से निकलने के बाद भले ही अभी गायब है, लेकिन उसके गिरोह के कई सदस्य अब भी जेल में हैं। रवि काना की पत्नी मधु को 16 फरवरी 2024 को गिरफ्तार किया गया था।
रिहाई के वक्त दो कारें जेल के बाहर पहुंचीं
दावा किया जा रहा है कि स्क्रैप माफिया की रिहाई सुनियोजित थी। जेल के बाहर दो सफेद रंग की कारें पहले से थीं। एक कार में महिला, जबकि दूसरी में तीन युवक थे। दोनों कार में रवि काना के परिजन और करीबी थे। वह जेल से बाहर आया, अपना सामान कार में रखा और बिना किसी देरी के फरार हो गया। घटना के बाद से अधिकांश संदिग्धों के मोबाइल फोन बंद हैं। पुलिस जेल के बाहर लगे कैमरे खंगाल रही है।
पुलिस की गलती से गायब हुआ माफिया रवि काना, जेल से छूट विदेश भागने की आशंका
जिले की एसओजी ने बांदा में डेरा डाला
पुलिस की छह टीमें माफिया की गिरफ्तारी के लिए पश्चिमी यूपी और नेपाल बॉर्डर के आसपास डेरा डाले हैं। आरोपी की रिहाई के बाद से जिले की एसओजी बांदा में ही है। उसके करीबियों की गतिविधियों पर तकनीकी सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन के जरिये कड़ी नजर रखी जा रही है।विदेश भागने की आशंका पर जारी होता है नोटिस रेड कॉर्नर नोटिस अंतरराष्ट्रीय नोटिस होता है। इससे आरोपी के विदेश भागने की आशंक पर जारी किया जाता है। यह नोटिस जारी होने के बाद आरोपी की जानकारी इंटरपोल से जुड़े सभी देशों को भेजी जाती है। इसका उद्देश्य आरोपी को ट्रेस कर उसे उसके देश में प्रत्यर्पित कराना होता है।
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