अमेरिका की कार्रवाई से होर्मुज बंद, वैश्विक तेल सप्लाई पर खतरा—ऊर्जा संकट बढ़ सकता है
Strait of Hormuz: ईरान-अमेरिका के बीच शांति वार्ता सफल नहीं हो सकी है. पाकिस्तान में 21 घंटों से ज्यादा बातचीत के बाद दोनों ही देश अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े रहे यही वजह है कि बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी. बातचीत सफल न होने के बाद ट्रंप ने एक बार धमकी दी है. उन्होंने कहा कि जो भी जहाज होमुर्ज से गुजरने का ईरान को टोल देंगे, उनकी नाकेबंदी की जाएगी. तो वहीं ईरान ने भी साफ कर दिया कि टोल तो देना ही पड़ेगा. अब इस तरह की बयानबाजी के कारण एक बार फिर दुनिया को ये डर सता रहा है कि आने वाले दिनों में तेल और एलपीजी की संकट पैदा हो सकता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति जंग शुरू होने के बाद से ही कई तरह के बयान दे रहे हैं. बातचीत फेल होने के बाद उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी करेगी. ईरान को टोल देने वाले जहाजों को भी रास्ते में रोक लिया जाएगा. ईरान ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह उसके कंट्रोल में है. यहां से गुजरने वाले जहाजों को रियाल में टोल देना जरूरी होगा.
भारत कर दूसरे विकल्पों पर काम
यूएस की नाकेबंदी का असर भारत पर भी देखने को मिल सकता है. हालांकि ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारत को वैकल्पिक रास्तों पर काम तेज करना होगा, जिसमें चाबहार बंदरगाह और INSTC विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं.
समुद्री खुफिया फर्म लॉयड्स लिस्ट के मुताबिक, नाकेबंदी के ऐलान के बाद ट्रैफिक रुक गया है. अमेरिका की धमकी के बाद कई जहाजों ने रास्ता बदल लिया या वापस लौट गए हैं.
दुनियाभर में हो सकती है तेल की किल्लत
युद्ध शुरू होने के बाद से ही दुनियाभर में तेल का संकट पहले से ही चल रहा है. कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं. सीजफायर होने के बाद हालात कुछ हद तक सुधरे हैं.
लेकिन बातचीत विफल होने के बाद एक बार फिर दुनिया को डर है कि अगर अमेरिका नाकाबंदी करता है. तो तेल और एलपीजी का संकट पैदा हो सकता है. हालांकि ईरान ने दावा किया है कि यह नाकेबंदी फेल होगी और अमेरिका को हार का सामना करना पड़ेगा.
ऐलान के साथ ही बढ़ गई तेल की कीमतें
अमेरिका ने ऐलान किया कि वह सोमवार को ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी की जाएगी. इसके बाद से ही कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है. इस समय अमेरिकी क्रूड ऑयल 8% बढ़कर 104.24 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है. वहीं अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 7% बढ़कर 102.29 डॉलर प्रति बैरल हो गया.
एक्सपर्ट का मानना है कि अगर अमेरिका की तरफ से नाकेबंदी की जाती है और ईरान इसका विरोध करता है तो सीजफायर खत्म होने के साथ साथ तेल की कीमतों में इजाफा देखने को मिल सकता है.
"नारी शक्ति का अपमान माफ नहीं करेगा देश": बिल गिरने पर विदेश मंत्री जयशंकर ने जताया रोष
संबोधन की तैयारी: महिला आरक्षण बिल पर देश को आगे की रणनीति बता सकते हैं पीएम मोदी
अभिभावकों को बड़ी राहत: राज्य सरकार ने RTE एडमिशन के लिए दिया 10 दिन का अतिरिक्त समय
ईरान के फैसले का असर: सप्लाई की चिंता खत्म होते ही कच्चा तेल सस्ता, अब भारत पर टिकी सबकी नजर।
सफर बना मातम: सेलम हाईवे पर अनियंत्रित होकर खाई में गिरी पर्यटकों की बस
₹1,00,000 करोड़ का प्रोजेक्ट: मुंबई के गोरेगांव में 10 साल में तैयार होगी 'अदाणी सिटी'।
वेतन वृद्धि का ऐलान: केंद्र सरकार ने नए साल के तोहफे के रूप में बढ़ाया महंगाई भत्ता
मिलावटी तेल को कहें अलविदा! रसोई में खुद तैयार करें 100% प्योर पीनट ऑयल।
अनुष्का से रितिका तक: आईपीएल 2026 में छाया इन स्टार वाइव्स का जबरदस्त फैशन सेंस।