मैहर, मध्य प्रदेश – मैहर जिले के पौड़ी गांव में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक सर्पमित्र (snake rescuer) को कोबरा सांप का रेस्क्यू करना उस पर भारी पड़ गया। सांप ने पलटकर उसे ही डस लिया, लेकिन अपनी जान की परवाह किए बिना, इस जांबाज सर्पमित्र ने न केवल सांप को बोतल में बंद किया, बल्कि खुद इलाज के लिए अस्पताल भी पहुँचा। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सही समय पर लिया गया निर्णय ही जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर हो सकता है।

 

जान जोखिम में डालकर किया रेस्क्यू

 

यह घटना गुरुवार को मैहर जिले के पौड़ी गांव की है, जब मशहूर सर्पमित्र राकेश गिरी महाराज को एक घर में सांप घुसने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही राकेश अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। घंटों की मशक्कत के बाद, उन्होंने घर में छिपे एक दो फीट लंबे कोबरा के बच्चे को ढूँढ निकाला। राकेश ने बड़ी सावधानी से सांप को पकड़ लिया, लेकिन जब वह उसे सुरक्षित रूप से एक बोतल में डाल रहे थे, तभी सांप ने अचानक उनके हाथ में काट लिया।

 

सूझबूझ ने बचाई जान, सांप को भी ले गए साथ

 

सांप के डसते ही ग्रामीणों ने तुरंत राकेश के हाथ को कसकर बाँध दिया और उन्हें मैहर के सिविल अस्पताल पहुँचाया। राकेश ने इस दौरान गजब की सूझबूझ दिखाई। उन्होंने उसी जहरीले सांप को बोतल में बंद कर लिया और उसे अपने साथ अस्पताल ले गए। उनका मानना था कि डॉक्टरों को सही इलाज करने में मदद मिलेगी यदि वे देख पाएँ कि किस तरह के सांप ने काटा है। डॉक्टरों ने उनकी इस समझदारी की सराहना की।

 

100 से अधिक सांपों को दे चुके हैं जीवनदान

 

अस्पताल में राकेश गिरी ने बताया कि वे अब तक 100 से भी ज़्यादा सांपों को बचाकर सुरक्षित जंगल में छोड़ चुके हैं। फिलहाल उनका इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस घटना के बाद, राकेश ने लोगों से एक महत्वपूर्ण अपील की। उन्होंने कहा, "सांप के काटने पर कभी भी अंधविश्वास या झाड़-फूँक के चक्कर में पड़कर कीमती समय बर्बाद न करें।" उन्होंने जोर देकर कहा कि पीड़ित को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए, क्योंकि सही समय पर मिला इलाज ही किसी की जान बचा सकता है। यह घटना साबित करती है कि साहस और सूझबूझ ही सबसे बड़े हथियार होते हैं, खासकर तब जब जीवन और मृत्यु का सवाल हो।