जबलपुर।  जबलपुर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व महापौर प्रभात साहू के साथ मारपीट करने के आरोप में एक पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिसकर्मी कृष्ण कुमार पाल को निलंबित कर दिया है और साथ ही विभागीय जाँच भी बैठा दी है। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जन्मदिन पार्टी में जाते समय हुआ विवाद
यह घटना गुरुवार शाम की है। पूर्व महापौर प्रभात साहू बाइक से एक जन्मदिन पार्टी में शामिल होने जा रहे थे। उन्होंने बताया कि जब वह बल्देवबाग के पास से गुजर रहे थे, तभी पुलिसकर्मी कृष्ण कुमार पाल ने उन्हें हेलमेट चेकिंग के नाम पर रोका। साहू के अनुसार, पुलिसकर्मी ने उनसे बदतमीजी से बात करना शुरू कर दिया। जब उन्होंने पुलिसकर्मी को मना किया तो वह भड़क गया और उसने पास रखे अपने वॉकी-टॉकी से उनके सिर पर हमला कर दिया।

पुलिस सिर्फ वसूली में लगी है
इस घटना के बाद, प्रभात साहू ने जबलपुर पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, ष्हेलमेट चेकिंग के नाम पर सिर्फ वसूली की जा रही है।ष् साहू ने आरोप लगाया कि यातायात पुलिस का ध्यान शहर की अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था को सुधारने पर नहीं है, बल्कि उनका एकमात्र मकसद हेलमेट चेकिंग के बहाने पैसा कमाना है। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ यातायात पुलिस ही नहीं, बल्कि थानों की पुलिस भी अपराध रोकने के बजाय इसी तरह की वसूली में लगी हुई है। पूर्व महापौर ने बताया कि वह कई बार अधिकारियों से शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने की बात कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती।

तत्काल हुई कार्रवाई, आगे की जाँच जारी
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से पुलिसकर्मी कृष्ण कुमार पाल को निलंबित कर दिया और विभागीय जाँच के आदेश दिए हैं। इस कार्रवाई से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल, पुलिस मामले की आगे की जाँच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस और जनता के बीच के तनावपूर्ण संबंधों को उजागर कर दिया है।