नए जिलों में अधिकारियों की तैनाती, प्रशासनिक फेरबदल
मध्य प्रदेश में मंगलवार को राजस्व विभाग ने बड़ा आदेश जारी किया है. प्रदेश के 119 राजस्व निरीक्षक प्रभारी नायब तहसीलदार बनाए गए हैं. इन सभी प्रभारी नायब तहसीलदार की नए जिलों में पोस्टिंग की गई है. राजस्व विभाग ने आदेश जारी करते हुए सभी से तत्काल प्रभाव से नए जिले में पोस्ट होने के लिए कहा है.
विभागीय जांच पेंडिंग वालों को नहीं मिलेगा नायब तहसीलदार का प्रभार
प्रभारी नायब तहसीलदार बनाए जाने के साथ ही राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया कि जिन पर विभागीय जांच, आपराधिक प्रकरण और दंडादेश पेंडिंग है, उन राजस्व निरीक्षकों को नायब तहसीलदार का प्रभार नहीं मिलेगा. राजस्व न्यायालयीन कामों के लिए अगर अधिकारियों के स्थानांतरण की जरूरत होती है तो विभाग की निर्धारित स्थानांतरण नीति 2005 खत्म होने के बाद भी एक बार ट्रांसफर किए जा सकेंगे.
पद पर वरिष्ठता का दावा नहीं कर सकेंगे
जिन राजस्व निरीक्षक को कार्यवाहक नायब तहसीलदार के रूप में पद पर कार्य करना है. वे पद पर वरिष्ठता या वेतन या भत्ते का दावा नहीं कर सकेंगे. इसके साथ ही अगर कोई प्रभारी नायब तहसीलदार का प्रभार लेने से इनकार कर देता है या फिर उपस्थित नहीं होता है तो उसका नाम हटा दिया जाएगा. राजस्व विभाग ने इसके अलावा और भी कई शर्तें रखी हैं. जिनके अनुसार अगर प्रभारी नायब तहसीलदार अब राजस्व निरीक्षक का काम नहीं करेंगे. इसके साथ ही प्रभारी नायब तहसीलदार को तहसीलदार की शक्तियां प्राप्त होंगी.इसके अलावा प्रभारी नायब तहसीलदार के खिलाफ कोई विभागीय जांच करने के लिए वही प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जो नायब तहसीलदार के लिए की जाती है.
ऐसे मामले में प्रभारी नायब तहसीलदार की सेवा नहीं गिनी जाएगी
अभी जिन्हें प्रभारी नायब तहसीलदार बनाया गया है. जब भी उनकी नियुक्ति नायब तहसीलदार के रूप में की जाएगी, उनके प्रभारी के रूप में किए गए कार्यकाल को नहीं माना जाएगा. इसके अलावा सबसे खास बात है कि प्रभारी नायब तहसीलदार का आदेश बिना किसी नोटिस के रद्द कर वापस राजस्व निरीक्ष के पद पर भेजा जा सकता है.
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