मध्यप्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण का मामला हाईकोर्ट में राज्य सरकार का स्पष्टीकरण, फैसला सुरक्षित
हाईकोर्ट में चल रहे प्रमोशन में आरक्षण से जुड़े अहम मामले में राज्य सरकार ने अपना विस्तृत स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया है। अदालत ने राज्य सरकार के जवाब को रिकॉर्ड पर लेते हुए सुनवाई पूरी कर ली है और फैसला सुरक्षित रख लिया है।
हर विभाग में बनेगी प्रमोशन कमेटी
राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि अब प्रत्येक विभाग में प्रमोशन प्रक्रिया के लिए अलग से कमेटी गठित की जाएगी।कमेटी प्रमोशन से पहले आरक्षण नियमों की समीक्षा करेगीयह सुनिश्चित किया जाएगा कि संवैधानिक प्रावधानों का पालन होवरिष्ठता, पात्रता और आरक्षण से जुड़े सभी बिंदुओं की जांच की जाएगीसरकार का कहना है कि नई व्यवस्था पारदर्शिता और विधिक मानकों के अनुरूप बनाई गई है।
सपाक्स ने दी है नई नीति को चुनौती
प्रमोशन में आरक्षण से जुड़ी राज्य सरकार की नई नीति को SAPAKS (सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक कर्मचारी संघ) ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।याचिका में दावा किया गया है कि नई प्रमोशन नीति पूर्व के न्यायिक आदेशों और निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है।
सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित
हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब प्रदेश के हजारों शासकीय कर्मचारियों की नजर अदालत के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई है।यह मामला प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और कर्मचारियों के भविष्य पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।
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