जबलपुर/सागर – मध्य प्रदेश पुलिस में ड्यूटी के प्रति गंभीर लापरवाही और एक फरार आरोपी से कथित सांठगांठ का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में जबलपुर के लार्डगंज थाना प्रभारी (TI) नवल आर्य पर बड़ी कार्रवाई की गई है। सागर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) ने टीआई आर्य की एक वेतनवृद्धि कम (One Increment Cut) करने के आदेश दिए हैं, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

मामला सागर का, कार्रवाई अब

 

यह पूरा मामला तब का है, जब नवल आर्य सागर के मोतीनगर थाना में थाना प्रभारी के पद पर पदस्थ थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने धोखाधड़ी के एक मामले में पुलिस रिकॉर्ड में फरार दर्ज आरोपी कमल जैन को अनुचित लाभ पहुंचाया और अपने पद का दुरुपयोग किया।सूत्रों के मुताबिक, टीआई आर्य ने न सिर्फ आरोपी कमल जैन को गिरफ्तारी से बचाया, बल्कि उसे साथ लेकर ही धोखाधड़ी के मामले में शिकायतकर्ता (फरियादी) को धमकाया भी।

 

वायरल वीडियो ने खोली पोल: "मैं फरार आरोपी का आदमी हूं"

इस मामले की पोल तब खुली जब शिकायतकर्ता को धमकाने की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो में टीआई नवल आर्य पर बेहद चौंकाने वाला आरोप है: उन्होंने खुद को फरार आरोपी कमल जैन का पक्ष लेते हुए, शिकायतकर्ता को धमकाने के दौरान "फरार आरोपी का आदमी" बताया था।वीडियो के वायरल होते ही पुलिस मुख्यालय में खलबली मच गई और टीआई आर्य के खिलाफ तत्काल विभागीय जांच शुरू कर दी गई।

 

आईजी का सख्त एक्शन: वेतनवृद्धि रोकने के आदेश

सागर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) ने जांच रिपोर्ट को बेहद गंभीर मानते हुए, टीआई नवल आर्य के खिलाफ कठोर एक्शन लिया है। कर्तव्य के प्रति लापरवाही, अनुशासनहीनता और एक फरार अपराधी का पक्ष लेने के आरोप में उनकी एक वेतनवृद्धि कम करने का आदेश जारी कर दिया गया है।यह कार्रवाई टीआई नवल आर्य के लिए एक बड़ा झटका है, जो वर्तमान में जबलपुर के संवेदनशील लार्डगंज थाने के थाना प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। पुलिस विभाग के आला अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराधियों के साथ किसी भी तरह की "याराना" या सांठगांठ बर्दाश्त नहीं की जाएगी, भले ही वह अधिकारी किसी भी पद पर क्यों न हो।