जबलपुर। शहर में आपराधिक तत्वों के हौसले कितने बुलंद हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब भाजपा के मंडल अध्यक्ष के परिवार को भी लूट का शिकार होना पड़ रहा है। शुक्रवार सुबह सुभाषचंद्र बोस मंडल के अध्यक्ष अमित राय की मां के साथ उनके घर के समीप ही जय प्रकाश नगर दुर्गा मंदिर के पास चेन लूट की बड़ी वारदात हुई। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और स्थानीय भाजपा नेताओं तथा कार्यकर्ताओं में भारी रोष व्याप्त हो गया।

दुर्गा मंदिर के पास लूट की घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार सुबह लगभग 6.30 बजे हुई। अमित राय की माता जी प्रतिदिन की तरह अपने जय प्रकाश नगर स्थित आवास के पास बने दुर्गा मंदिर में दर्शन के लिए गई थीं। जैसे ही वह मंदिर के पास पहुँचीं, मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात बदमाश अचानक उनके सामने आए। मौका देखते ही दोनों लुटेरों ने झपट्टा मारकर उनके गले से सोने की चेन खींच ली और पलक झपकते ही घटनास्थल से फरार हो गए। लूट की इस घटना से बुजुर्ग महिला स्तब्ध रह गईं। शोर मचाने पर आस-पास के लोग इकट्ठा हुए, जिसके बाद तत्काल इसकी सूचना परिवारजनों और भाजपा मंडल अध्यक्ष अमित राय को दी गई।

भाजपा नेताओं ने अधारताल थाने में दर्ज कराई शिकायत
दिन दहाड़े हुई इस घटना से नाराज भाजपा नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में अधारताल थाने पहुँचे। मंडल अध्यक्ष अमित राय के साथ मिलकर सभी ने पुलिस अधिकारियों से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने और लुटेरों को गिरफ्तार करने की मांग की। शिकायत दर्ज कराने के दौरान पार्षद विमल राय, मुकेश रजक, रोहित विश्वकर्मा, अंकित पटेल, हेमराज उपाध्याय, और ललित नागले सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद थे। नेताओं ने पुलिस को साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

पुलिस प्रशासन पर उठ रहे सवाल
सुबह के समय, मंदिर के पास, और वह भी एक प्रमुख राजनैतिक व्यक्ति के परिवार के साथ हुई इस लूटपाट की घटना ने जबलपुर की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पेट्रोलिंग नाममात्र की होती है, जिसके कारण अपराधी बेखौफ घूमते हैं। अधारताल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और लुटेरों की तलाश के लिए क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की बात कह रही है। हालांकि, भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह केवल जाँच का आश्वासन नहीं, बल्कि त्वरित गिरफ्तारी का मामला है, ताकि शहर की जनता में सुरक्षा की भावना वापस लौट सके।