छत्तीसगढ़ का फेमस जंगली हाथी त्रिदेव कान्हा से बांधवगढ़ शिफ्ट बांधवगढ़ के जंगल मे रेडियो कालर लगाकर छोड़ा गया
1 वर्ष पूर्व ऑपरेशन त्रिदेव के नाम से अनूपपुर के जैतहरी के जंगल से किया था कैप्चर
उमरिया - जिले के विश्व विख्यात बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगली हाथियों के संरक्षण एवं प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, आज दिनांक 09 सितम्बर 2025 को कान्हा टाइगर रिजर्व, मण्डला से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, उमरिया में एक जंगली हाथी को लाकर सेटेलाईट रेडियो कॉलर लगाकर खुले वनक्षेत्र में स्वच्छंद विचरण हेतु छोड़ा गया।
विदित है की 25 फरवरी 2024 में उक्त जंगली हाथी द्वारा अनूपपुर जिले में मानव-हाथी द्वंद की गंभीर घटना घटित हुई थी। मानव जीवन की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी), भोपाल के आदेश के तहत बाँधवगढ़ एवं संजय टाइगर रिजर्व की संयुक्त रेस्क्यू टीम द्वारा ऑपरेशन त्रिदेव का नाम देकर हाथी को पकड़ा गया और इसके बाद इसे व्यवहार आकलन हेतु कान्हा टाइगर रिजर्व में कैप्टिविटी में रखा गया।
जंगली हाथी के व्यवहार एवं स्वास्थ्य का विस्तृत आकलन करने हेतु एक समिति का गठन किया गया। तत्पश्चात एलीफैंट एडवाइजरी कमेटी की आयोजित बैठक में पाया गया कि हाथी पूर्णतः स्वस्थ है तथा खुले वन क्षेत्र में छोड़े जाने योग्य है। समिति ने निर्णय लिया कि इसे रेडियो कॉलर लगाकर बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व के खुले वन क्षेत्र में, जंगली हाथियों के झुंड के समीप छोड़ा जाए।
निर्णय के परिपालन में प्रधान वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एवं मुख्य वन अभिरक्षक, मध्यप्रदेश द्वारा अनुमति प्रदान की गई। आदेशानुसार कान्हा एवं बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम ने आज सफलतापूर्वक उक्त जंगली हाथी का परिवहन कर कान्हा से लाकर बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मुक्त कर दिया गया है। हाथी को पूर्व में ही दिनांक 4 सितंबर को कान्हा में ही रेडियो कॉलर कर दिया गया था।
इस पहल से न केवल जंगली हाथियों के संरक्षण एवं वैज्ञानिक प्रबंधन को बल मिलेगा, बल्कि रेडियो कॉलरिंग के माध्यम से उनकी गतिविधियों की निगरानी भी सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे भविष्य में मानव-हाथी द्वंद की स्थितियों को रोकने में भी मदद मिलेगी। इस कार्यवाही से अब तक बांधवगढ़ में रेडियो कॉलर युक्त हाथियों की संख्या 3 हो गई है।
वन्यजीव प्रेमी नितिन सिंघवी ने हाई कोर्ट मे लगाया था याचिका
जंगली हाथियो के स्वच्छनद विचरण को लेकर वर्ष 2018 से लगातार वन्यजीव प्रेमी नितिन सिंघवी रायपुर निवासी संघर्ष करते रहते है आज उन्ही की बदौलत पकड़े गए जंगली हाथियो को रेडियो कालर लगाकर पार्क प्रबंधक हाथियो की सतत निगरानी कर रहा है जब अग्निबाण के संवाददाता ने उनसे बात किया तो उनका कहना है की अत्यंत सुंदर और युवा हाथी त्रिदेव के छोड़े जाने पर आज मेरे जीवन का सबसे खुशी का दिन है। मेरी प्रार्थना है कि मां प्रकृति त्रिदेव को शीघ्र ही वन में रहने योग्य बनाए और वह अपनी जीन पूल को सफलता पूर्वक आगे बढ़ाए। वास्तव में, जंगल में वापस छोड़ने का यह कार्य पहले भी किया जा सकता था, लेकिन त्रिदेव को डेढ़ वर्ष तक बंधक बनाकर रखा गया। इस विषय को माननीय उच्च न्यायालय के संज्ञान में भी लाया गया था। इस हाथी पर कम से एक मॉनव वध का आरोप है। जंगली हाथियों पर काम के कर रहे बिलासपुर के मंसूर खान ने अनूपपुर में डेरा डाले जंगली हाथियों के दल मुखिया त्रिदेव पर सतत निगरानी बनाये रखी और इसका नाम त्रिदेव रखा है। जगंल विभाग की पकड़ में कोई डेढ़ बरस रहने से मजबूत गजराज कमजोर हुआ है। यह अंतर दो फोटो में तुलनात्मक साफ दिखता
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