प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बेंगलुरु मेट्रो की 'येलो लाइन' का उद्घाटन किया, जो शहर की परिवहन व्यवस्था के लिए एक बड़ा कदम है। इस ऐतिहासिक अवसर पर, पीएम मोदी ने कर्नाटक के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के साथ मेट्रो में सफर किया, जो बेंगलुरु के लोगों के लिए एक नया अध्याय है।

 

मेट्रो में पीएम मोदी का सफर और प्रमुख गणमान्य व्यक्ति

 

उद्घाटन के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रागीगुडा मेट्रो स्टेशन से इन्फोसिस फाउंडेशन-कोन्नप्पना अग्रहारा स्टेशन तक मेट्रो में यात्रा की। उनके साथ यात्रा करने वाले प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर शामिल थे। बेंगलुरु के सांसद सूर्यनारायण भी इस दौरान मौजूद थे। यह एक दुर्लभ नजारा था जहां केंद्र और राज्य के शीर्ष नेता एक साथ शहर के विकास की दिशा में एकजुटता दिखा रहे थे।

 

मेट्रो के सफर के दौरान, पीएम मोदी ने न केवल अधिकारियों से परियोजना के बारे में जानकारी ली, बल्कि उन्होंने मेट्रो में मौजूद स्कूली बच्चों से भी बातचीत की, जिससे उनका उत्साह और बढ़ गया। एक महिला लोको पायलट द्वारा संचालित इस मेट्रो में पीएम मोदी की यात्रा ने महिला सशक्तिकरण का भी संदेश दिया।

 


 

'येलो लाइन' की मुख्य विशेषताएं और महत्व

 

बेंगलुरु मेट्रो की यह 'येलो लाइन' परियोजना 19.1 किलोमीटर लंबी है और इसे 7,610 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। यह लाइन 16 स्टेशनों को कवर करती है, जो दक्षिण बेंगलुरु को शहर के प्रमुख आईटी हब, जैसे कि इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी, से जोड़ती है।

 

 

  • कनेक्टिविटी: यह लाइन बेंगलुरु के प्रमुख आवासीय क्षेत्रों को महत्वपूर्ण वाणिज्यिक और तकनीकी केंद्रों से जोड़ती है।

  • यातायात में कमी: इस लाइन के शुरू होने से शहर के सबसे व्यस्त सड़कों पर यातायात का दबाव काफी कम होने की उम्मीद है, जिससे लाखों दैनिक यात्रियों को लाभ होगा।

     

  • आर्थिक विकास: येलो लाइन का संचालन इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी जैसे क्षेत्रों के आर्थिक विकास को भी गति देगा, क्योंकि इससे कर्मचारियों और निवासियों के लिए आवागमन आसान हो जाएगा।