सीएमचओ से समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों ने की शिकायत
जबलपुर। जिला चिकित्सालय विक्टोरिया के हड्डी रोग विभाग में पदस्थ डॉ. राहुल शुक्ला, जो वर्तमान में आर.एम.ओ. (आईएमओ) के पद पर कार्यरत हैं, पर नियम-कानून के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगा है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा ने सीएमएचओ को शिकायत सौंपी है। शिकायत में कहा गया है कि डॉ. शुक्ला शासकीय पद और सरकारी समय में रहते हुए एक निजी अस्पताल में चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

शिकायत का विवरण
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि सरकारी चिकित्सक का इस तरह निजी अस्पताल में सेवाएं देना न केवल मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम का उल्लंघन है, बल्कि यह सरकारी सेवा के साथ सीधा विश्वासघात भी है। शिकायत में उल्लेख है कि डॉ. शुक्ला शासकीय समय में न केवल निजी अस्पताल में इलाज कर रहे हैं बल्कि वहां अपने प्रचार-प्रसार में भी लगे हैं, जो कि कानूनन प्रतिबंधित है।

जनहित पर असर
शिकायत के अनुसार, शासकीय चिकित्सक के इस रवैये से सरकारी अस्पताल में आने वाले सैकड़ों मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। पीड़ित और गरीब वर्ग के मरीज, जो सरकारी अस्पताल पर निर्भर रहते हैं, उन्हें उचित इलाज के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि शासकीय डॉक्टर अपने समय का एक हिस्सा निजी प्रैक्टिस में दे रहे हैं।

नियम और कानूनी पहलू
मौजूदा नियमों के अनुसार, कोई भी शासकीय चिकित्सक अपने सेवा काल में, विशेषकर कार्य समय के दौरान, निजी अस्पताल में इलाज नहीं कर सकता। ऐसा करना सरकारी सेवा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाता है, जिसके लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई, निलंबन या पद से हटाने तक की सजा हो सकती है।

कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की तात्कालिक जांच कर, दोषी पाए जाने पर डॉ. राहुल शुक्ला के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्यवाही की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में कोई भी सरकारी चिकित्सक अपने पद का दुरुपयोग कर निजी लाभ न उठा सके। स्थानीय नागरिकों ने भी इस घटना पर नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि सरकारी अस्पतालों में पहले ही डॉक्टरों की कमी रहती है, ऐसे में शासकीय चिकित्सकों द्वारा निजी अस्पताल में काम करना सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य अधिकारों का हनन है।