जबलपुर,। भेड़ाघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बिलखरवा में एक परिवार के लिए पिछले कई दिनों से घर की छत के नीचे लगा ततैयों का छत्ता मुसीबत का सबब बना हुआ था। बिलखरवा निवासी अभिषेक शर्मा के घर में लगे इस छत्ते से सिर्फ उनका परिवार ही नहीं, बल्कि आस-पास के रहवासी भी दहशत में थे। सभी को यह डर सता रहा था कि कहीं ये जहरीले जीव झुंड बनाकर हमला न कर दें।

पिछले सात-आठ दिनों से चल रही इस परेशानी को खत्म करने के लिए कुछ पड़ोसियों ने हिम्मत कर छत्ते को हटाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। अंततः, अभिषेक शर्मा ने आज दोपहर करीब 2 बजे सर्प और वन्य प्राणी विशेषज्ञ गजेन्द्र दुबे से संपर्क किया।

सुरक्षित रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलने पर गजेन्द्र दुबे अपनी रेस्क्यू टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का आकलन किया और बिना किसी छेड़छाड़ के बेहद सावधानीपूर्वक पूरे छत्ते को हटाया। इसके बाद, सुरक्षित तरीके से उसे एक डिब्बे में बंद कर बरगी के जंगल में छोड़ दिया गया। इस दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि ततैयों को कोई नुकसान न पहुंचे और वे हमला न करें।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ
गजेन्द्र दुबे ने बताया कि यह मधुमक्खी प्रजाति का एक प्रकार है, जिसे आम भाषा में ततैया, बर्र या बिरनी के नाम से जाना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम ॅ।ैच् (वाश्प) है। ये जीव हल्के पीले रंग के होते हैं, जिनके ऊपर काला रंग होता है। वे उड़ने वाले और विषैले होते हैं, जो समूह में रहना पसंद करते हैं। दुबे ने बताया कि ये आमतौर पर तभी हमला करते हैं जब उन्हें छेड़ा जाए। इनके डंक से काटे गए स्थान पर असहनीय दर्द के साथ-साथ गंभीर सूजन आ जाती है, जिसके लिए तुरंत डॉक्टरी उपचार की जरूरत होती है। छत्ते के हटने के बाद, अभिषेक शर्मा और उनके पड़ोसियों ने राहत की सांस ली। सभी ने गजेन्द्र दुबे और उनकी टीम का आभार व्यक्त किया, जिनके प्रयासों से एक बड़ा खतरा टल गया।