पिच निर्माण और अभ्यास सुविधाओं पर बाद में होगा काम
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में इंडियन प्रीमियर प्रीमियर लीग (आईपीएल) के सत्र की गूंज सुनाई देने लगी है। संभावित मैचों की मेजबानी को लेकर हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए एसोसिएशन फिलहाल बीसीसीआई द्वारा जारी किए जाने वाले दूसरे शेड्यूल का इंतजार कर रही है शेड्यूल स्पष्ट होते ही मैदान और प्रैक्टिस सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार किया जाएगा। इस बार बीसीसीआई ने अभ्यास सत्रों और पिचों के निर्माण को लेकर कुछ सख्त और नई गाइडलाइन जारी की है, जिसका पालन करना अनिवार्य होगा। बीसीसीआई के नए निर्देशों के तहत इस बार अभ्यास के दौरान पिच शेयरिंग की परंपरा खत्म कर दी गई है।नियम के अनुसार, यदि एक टीम अपना अभ्यास सत्र समाप्त करती है तो उसके बाद आने वाली दूसरी टीम को वही पुरानी पिच नहीं दी जाएगी। दूसरी टीम के लिए बिल्कुल ताजी और नई नेट पिच तैयार रखनी होगी। इसके अलावा बल्लेबाजों को लंबे शॉट खेलने का अभ्यास कराने के लिए रेंज हिटिंग के विशेष विकेट भी अलग से तैयार किए जाएंगे। मैच मिलने की स्थिति में अभ्यास पिचों का निर्माण टीमों की जरूरत और मैचों की संख्या के आधार पर किया जाएगा। बीसीसीआई के निर्देशों के अनुसार, ऐसी पिचें तैयार की जाएंगी जो बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए संतुलित हों।प्रैक्टिस एरिया में भी मुख्य पिचों की तरह ही गुणवत्ता और मिट्टी का उपयोग किया जाएगा, ताकि खिलाड़ियों को मैच जैसा अनुभव मिल सके। एचपीसीए के सचिव मनुज शर्मा ने बताया कि फिलहाल आईपीएल के दूसरे चरण के शेड्यूल का इंतजार है। उन्होंने कहा कि जैसे ही धर्मशाला को मैचों का आवंटन स्पष्ट होता है, स्टेडियम में तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए हर टीम के लिए अलग-अलग अभ्यास पिचों का निर्माण किया जाएगा।
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